Wednesday, December 24, 2008
ढोढ़ाकेसरा में टोनही प्रताड़ना मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश
रायपुर, 21 दिसम्बर 2008 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर स्थित ग्राम ढोढ़ाकेसरा में भूत-प्रेत भगाने और टोनही के नाम पर लगभग 50 महिलाओं को सार्वजनिक रूप से अपमानित और प्रताड़ित किए जाने की शिकायत को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने आज इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन को सम्पूर्ण घटना की विस्तृत जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। डॉ. रमन सिंह ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक अमानवीय और पीड़ादायक बताते हुए कहा है कि जांच में दोषी पाये जाने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई कर उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलायी जाएगी। डॉ. सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को टोनही के नाम पर प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं को गंभीरता से लेकर टोनही प्रताड़ना निवारण कानून वर्ष 2005 से लागू कर दिया है। इसके अंतर्गत दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों को अधिकतम पांच वर्ष की सजा हो सकती है। इसमें जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। डॉ. रमन सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग को इस अधिनियम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि 21वीं सदी के इस वैज्ञानिक युग में हम सब को अंधविश्वासों से दूर रहना चाहिए। डॉ. सिंह ने समाजसेवी संस्थाओं का भी आह्वान किया है कि वे इसके लिए समाज में और भी अधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण जागृत करने का प्रयास करें।
Monday, December 22, 2008
तीन इंजीनियरिंग छात्रों की मौत पर गहरा दुख
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने सड़क हादसे में तीन इंजीनियरिंग छात्रों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया - रायपुर, 21 दिसम्बर 2008, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज बीती रात दुर्ग जिले में पुलगांव थाना क्षेत्र के रसमड़ा-पीपरछेड़ी मार्ग पर एक सड़क दुर्घटना में भिलाई नगर के तीन इंजीनियरिंग छात्रों की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा दुख च्यक्त किया है। डॉ. सिंह ने तीनों दिवंगत छात्रों - चक्रधरपुर (पश्चिम बंगाल) निवासी पीयूष मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय रायगढ़ निवासी सुबीर घोष और आकाश आडवाणी के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति प्रकट की है। ज्ञातव्य है कि तीनों छात्रों की मोटर सायकल अंधेरे में खड़ी ट्रक से टकरा जाने पर यह दर्दनाक हादसा हुआ।
Friday, December 19, 2008
स्पॉट सोर्स योजनाओं को हरी झंडी
रायपुर, 18 दिसम्बर 2008 छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा महासमुंद जिले के 06 गांवों स्थापित होने वाली स्पॉट सोर्स योजनाओं को हरी झंडी दे दी गई है। राज्य शासन ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से इन योजनाओं की स्थापना के लिए 64 लाख 98 हजार रूपए भी मंजूर किये है। विभाग द्वारा जिले के बसना विकासखंड में 53 लाख 28 हजार रूपए से पांच तथा सरायपाली विकासखंड में 11 लाख 70 हजार रूपए से एक स्पॉट सोर्स योजना स्थापित की जाएगी। राज्य शासन इन सभी योजनाओं के तहत कार्य प्रारंभ करने से पहले नलकूपों की जल क्षमता तथा जलस्त्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिए गए है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था तथा स्थानीय जनता को निस्तारी सुविधा के लिए भी पानी उपलब्ध कराने के लिए राज्य शासन द्वारा चिन्हित गांवों में स्पॉट सोर्स योजनाओं के तहत विभिन्न निर्माण कार्य कराये जा रहे है। महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम रोहिना में दस लाख 30 हजार रूपए से, ग्राम कोटेनदरहा में दस लाख 20 हजार रूपए से, ग्राम छुईपाली (सेमलिया) में 11 लाख 30 हजार रूपए से, ग्राम सिघनपुर में 12 लाख 06 हजार रूपए से और ग्राम संतपाली में नौ लाख 42 हजार रूपए से स्पॉट सोर्स योजना के तहत गांव में ही नलकूप स्थापित कर ग्रामीणों को विभिन्न स्थानों पर नल की टोटियों युक्त टंकियों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। सरायपाली विकासखंड जिले के ग्राम भोथलडीह में 11 लाख 70 हजार रूपए की लागत से योजना के तहत विभिन्न कार्य कराये जाएंगे। सभी स्पॉट सोर्स योजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर ग्रामीणों को पीने के साफ पानी के साथ-साथ दैनिक उपयोग के लिए भी भरपूर मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था तथा स्थानीय जनता को निस्तारी सुविधा के लिए भी पानी उपलब्ध कराने के लिए राज्य शासन द्वारा चिन्हित गांवों में स्पॉट सोर्स योजनाओं के तहत विभिन्न निर्माण कार्य कराये जा रहे है। महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम रोहिना में दस लाख 30 हजार रूपए से, ग्राम कोटेनदरहा में दस लाख 20 हजार रूपए से, ग्राम छुईपाली (सेमलिया) में 11 लाख 30 हजार रूपए से, ग्राम सिघनपुर में 12 लाख 06 हजार रूपए से और ग्राम संतपाली में नौ लाख 42 हजार रूपए से स्पॉट सोर्स योजना के तहत गांव में ही नलकूप स्थापित कर ग्रामीणों को विभिन्न स्थानों पर नल की टोटियों युक्त टंकियों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। सरायपाली विकासखंड जिले के ग्राम भोथलडीह में 11 लाख 70 हजार रूपए की लागत से योजना के तहत विभिन्न कार्य कराये जाएंगे। सभी स्पॉट सोर्स योजनाओं के निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर ग्रामीणों को पीने के साफ पानी के साथ-साथ दैनिक उपयोग के लिए भी भरपूर मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा।
Thursday, December 18, 2008
महिला सशक्तिकरण और महिला शिक्षा समाख्या कार्यक्रम
रायपुर, 17 दिसम्बर 2008 - छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण एवं शैक्षणिक विकास के लिए पांच जिलों के पांच विकासखंडों में महिला समाख्या कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस संबंध में गठित छत्तीसगढ़ महिला समाख्या सोसायटी ने राज्य में कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस संबंध में आज स्कूल शिक्षा सचिव श्री नंद कुमार की अध्यक्षता में सोसायटी के पेंशन बाड़ा स्थित कार्यालय में हुई कार्यकारिणी की बैठक में कार्यक्रम के संचालन संबंधी विभिन्न प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में राजीव गांधी शिक्षा मिशन की प्रबंध संचालक श्रीमती मनिंदर कौर द्विवेदी, आयुक्त (लोक शिक्षण) श्रीमती निधि छिब्बर सहित संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री के.आर. पिस्दा, उपायुक्त श्रीमती दीप्ति बनर्जी, विशेष सचिव श्री सुधीर अग्रवाल, उप संचालक पंचायत श्री प्रमोद सिंह तथा समाख्या कार्यक्रम के संचालक श्रीमती शालिनी रामन भी उपस्थित रहीं।
सोसायटी के अध्यक्ष श्री नंद कुमार ने बताया कि प्रदेश में महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को शिक्षा देने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत समाख्या कार्यक्रम 1989 में प्रारंभ किया गया था, जोकि वर्तमान में देश के ग्यारह राज्यों में 93 जिलों के 273 विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस वर्ष रायपुर जिले के देवभोग, बिलासपुर जिले के गौरेला, सरगुजा जिले के मैनपाट, बस्तर जिले के बस्तर एवं दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा विकासखंड में समाख्या कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। श्री नंद कुमार ने इस कार्यक्रम के छत्तीसगढ़ में सफलता पूर्वक संचालन और अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने संबंधी तैयारियों की भी व्यापक जानकारी ली।
श्री नंद कुमार ने बताया कि भारत शासन द्वारा पूर्णत: वित्तीय सहायता प्राप्त समाख्या कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के महिला साक्षरता में पिछड़े विकासखंडों को शामिल किया गया है। जिनका चयन सोसायटी की पूर्व में हुई बैठकों में विचार-विमर्श के बाद किया गया था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के संचालन में राज्य तथा जिला स्तर पर पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों का चयन, कार्य योजना सहित सोसायटी की मानव संसाधन प्रबंधन नीति एवं नियमों का निर्धारण कर लिया गया है। ग्राम स्तर पर कार्य करने के लिए महिला-सहयोगियों (सहयोगिनियों) का चयन किया जा रहा है। साथ ही जिला स्तर पर स्त्रोत अधिकारी और कार्यालयीन कार्यो के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जा रही है। राज्य एवं जिला स्तर पर आधारभूत संरचना जैसे भवन, फर्नीचर, कार्यालयीन उपकरण आदि की भी व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए शासकीय नियमानुसार विज्ञापन आदि जारी कर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। बैठक में कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों अधिकारियों के कार्यों संबंधी जिम्मेदारियों का निर्धारण, वेतनमान, अवकाश, यात्रा भत्ता, संचार सुविधाएं आदि के लिए भी नीति एवं नियमों का निर्धारण किया गया।
सोसायटी के अध्यक्ष श्री नंद कुमार ने बताया कि प्रदेश में महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को शिक्षा देने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत समाख्या कार्यक्रम 1989 में प्रारंभ किया गया था, जोकि वर्तमान में देश के ग्यारह राज्यों में 93 जिलों के 273 विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस वर्ष रायपुर जिले के देवभोग, बिलासपुर जिले के गौरेला, सरगुजा जिले के मैनपाट, बस्तर जिले के बस्तर एवं दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा विकासखंड में समाख्या कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। श्री नंद कुमार ने इस कार्यक्रम के छत्तीसगढ़ में सफलता पूर्वक संचालन और अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने संबंधी तैयारियों की भी व्यापक जानकारी ली।
श्री नंद कुमार ने बताया कि भारत शासन द्वारा पूर्णत: वित्तीय सहायता प्राप्त समाख्या कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के महिला साक्षरता में पिछड़े विकासखंडों को शामिल किया गया है। जिनका चयन सोसायटी की पूर्व में हुई बैठकों में विचार-विमर्श के बाद किया गया था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के संचालन में राज्य तथा जिला स्तर पर पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों का चयन, कार्य योजना सहित सोसायटी की मानव संसाधन प्रबंधन नीति एवं नियमों का निर्धारण कर लिया गया है। ग्राम स्तर पर कार्य करने के लिए महिला-सहयोगियों (सहयोगिनियों) का चयन किया जा रहा है। साथ ही जिला स्तर पर स्त्रोत अधिकारी और कार्यालयीन कार्यो के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जा रही है। राज्य एवं जिला स्तर पर आधारभूत संरचना जैसे भवन, फर्नीचर, कार्यालयीन उपकरण आदि की भी व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए शासकीय नियमानुसार विज्ञापन आदि जारी कर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। बैठक में कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों अधिकारियों के कार्यों संबंधी जिम्मेदारियों का निर्धारण, वेतनमान, अवकाश, यात्रा भत्ता, संचार सुविधाएं आदि के लिए भी नीति एवं नियमों का निर्धारण किया गया।
Tuesday, December 16, 2008
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया नये वर्ष 2009 के कैलेण्डर का विमोचन
रायपुर, 13 दिसम्बर 2008 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां मंत्रालय में छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कार्पोरेशन द्वारा प्रकाशित आगामी वर्ष 2009 के सचित्र कैलेण्डर का विमोचन किया। यह कैलेण्डर रंग-बिरंगे फूलों के आकर्षक चित्रों से सुसज्जित है। कैलेण्डर में शामिल सभी छायाचित्रों की फोटोग्राफी बेवरेजेस कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री अजय सिंह द्वारा की गई है। श्री अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को इस कैलेण्डर के चित्रों की खूबियों की जानकारी दी। डॉ. रमन सिंह ने कैलेण्डर के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी लोगों को आगामी नये वर्ष 2009 की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री पी.जॉय उम्मेन, राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री विवेक ढांड, बेवरेजेस कार्पोरेशन के अपर आयुक्त आबकारी श्री समुद्र सिंह, महाप्रबंधक श्री आर.एस.ठाकुर और संस्था के अन्य अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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